नागालैंड के मोन जिले में भारी बारिश ने भारी तबाही मचा दी है। लगातार हुई बारिश के कारण कई इलाकों में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ, जिसमें कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, मोन शहर का तिजित क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है।
रविवार को अधिकारियों ने बताया कि भूस्खलन के बाद राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। मलबे से अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य लापता लोगों की तलाश की जा रही है। अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में अभी और लोग फंसे हो सकते हैं।
मोन जिले के उपायुक्त वेन्न्येई कोन्याक ने बताया कि लगातार भारी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में भूस्खलन की घटनाएं हुईं। उन्होंने कहा कि बारिश रात करीब 1 बजे शुरू हुई थी और सुबह लगभग 6 से 7 बजे के बीच भूस्खलन की जानकारी मिलनी शुरू हुई।
और पढ़ें: वायनाड भूस्खलन: केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने घटनास्थल का दौरा किया, बचाव अभियान तेज
उन्होंने बताया कि अब तक बरामद किए गए चार शवों में तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इसके अलावा 12 लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। कई स्थानों पर एक साथ खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), असम राइफल्स और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं। टीमें लगातार मलबे को हटाकर फंसे हुए लोगों को बाहर निकालने का प्रयास कर रही हैं।
भारी बारिश के कारण इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल है। प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, मौसम की स्थिति को देखते हुए राहत और बचाव कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जारी रखा जा रहा है।
नागालैंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश के मौसम में भूस्खलन की घटनाएं आम हैं, लेकिन इस बार मोन जिले में हुई घटना ने बड़े स्तर पर नुकसान पहुंचाया है। प्रशासन प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने में जुटा हुआ है।
और पढ़ें: वायनाड भूस्खलन: तीन मृत श्रमिकों के शव ठेकेदार कंपनी को सौंपे गए, भेजे जाएंगे पैतृक स्थान