तमिलनाडु के नागपट्टिनम जिले में किसानों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों ने राज्य सरकार से चुनावी वादे के अनुसार कृषि ऋण माफी योजना को तुरंत लागू करने की मांग की।
किसानों का कहना है कि चुनाव प्रचार के दौरान तमिलनाडु सरकार ने किसानों के ऋण माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इसी कारण किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और उन पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांग की कि जल्द से जल्द ऋण माफी की प्रक्रिया शुरू की जाए। किसानों ने यह भी कहा कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार दोनों से अपील की कि वे कर्नाटक सरकार को प्रस्तावित बांध परियोजना को आगे बढ़ाने से रोकें। किसानों का आरोप है कि इस परियोजना से क्षेत्र में जल संसाधनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा और कृषि पर गंभीर संकट उत्पन्न होगा।
किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी।
किसान संगठनों का कहना है कि कृषि क्षेत्र पहले से ही कई समस्याओं से जूझ रहा है, जिसमें सूखा, बढ़ती लागत और बाजार की अनिश्चितता शामिल है। ऐसे में ऋण माफी उनकी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए जरूरी है।
फिलहाल, प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर मामले को शांत करने की कोशिश की है, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
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