राजस्थान के कई हिस्सों में भीषण धूलभरी आंधी (डस्ट स्टॉर्म) ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। बीकानेर, चूरू और श्रीगंगानगर जिलों में तेज हवाओं के साथ उठी धूल ने आसमान को भूरा कर दिया और दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार यह तूफान अब तेजी से दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए बताया है कि इस दौरान 50–70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही आंधी, बिजली गिरने और बारिश की भी संभावना है।
दोपहर लगभग 2:45 बजे बीकानेर और चूरू में अचानक मौसम बदला और तेज धूलभरी हवाओं ने पूरे क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। घने धूल के गुबार के कारण दृश्यता काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलानी पड़ी। स्थानीय लोगों के अनुसार स्थिति इतनी गंभीर थी कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया।
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बीकानेर में तेज हवाओं के साथ भारी मात्रा में रेत उड़ने लगी, जिससे पूरा इलाका धूल की मोटी परत से ढक गया। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और लोग घंटों तक अंधेरे में रहने को मजबूर हुए।
चूरू के सादुलपुर में भी कुछ ही मिनटों में मौसम ने विकराल रूप ले लिया। तेज धूलभरी आंधी से लोगों में दहशत फैल गई और आसमान लाल-भूरा नजर आने लगा। पेड़ गिरने, होर्डिंग्स और टीन शेड्स को नुकसान पहुंचने की भी खबरें सामने आई हैं।
हालांकि इस तूफान के बाद कुछ इलाकों में हल्की बारिश हुई, जिससे गर्मी से राहत मिली और धूल भी कुछ हद तक बैठ गई। लेकिन अब यह तूफान दिल्ली-एनसीआर की ओर बढ़ रहा है, जिससे प्रशासन और मौसम विभाग सतर्क हैं।
IMD ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।
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