महाराष्ट्र के नागपुर में हुड़केश्वर पुलिस ने एटीएम के कैश डिस्पेंसिंग स्लॉट में काली प्लास्टिक पट्टी लगाकर नकदी फंसाने और बाद में उसे निकालने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के रहने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 41 ग्राहकों से करीब 1.52 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 12 से 14 सितंबर के बीच हुड़केश्वर इलाके के एक एटीएम को निशाना बनाया। आरोपी कैश निकलने वाले स्लॉट पर काली प्लास्टिक पट्टी चिपका देते थे। इसके बाद ग्राहक एटीएम में कार्ड लगाकर पैसे निकालते थे। उनके बैंक खाते से रकम तो कट जाती थी, लेकिन कैश स्लॉट में फंस जाने के कारण पैसे बाहर नहीं निकलते थे।
ग्राहकों को लगता था कि तकनीकी खराबी के कारण नकदी नहीं निकली। उनके एटीएम से चले जाने के बाद आरोपी वापस पहुंचते और प्लास्टिक पट्टी हटाकर स्लॉट में फंसी रकम निकाल लेते थे।
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मामला तब सामने आया जब कई ग्राहकों ने केनरा बैंक की हुड़केश्वर शाखा के प्रबंधक से शिकायत की। ग्राहकों ने बताया कि खाते से पैसे कटने के बावजूद एटीएम से नकदी नहीं मिली। शिकायतों के बाद बैंक और पुलिस ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध युवक कैश स्लॉट पर प्लास्टिक पट्टी लगाते और बाद में पैसे निकालते दिखाई दिए।
जांच में आरोपियों की पहचान कानपुर निवासी सतीश राजपूत और जबलपुर निवासी धर्मेंद्र साहू के रूप में हुई। पुलिस ने गश्त के दौरान एटीएम के पास एक संदिग्ध युवक को देखा। पुलिस को देखकर वह भागने लगा, लेकिन घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया गया।
तलाशी में आरोपियों के पास काली प्लास्टिक की पांच पट्टियां, टेप, फेवीक्विक, कैंची और अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड बरामद हुए। एटीएम की जांच में कैश डिस्पेंसर पर लगी प्लास्टिक पट्टी भी मिली। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
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