महाराष्ट्र के चर्चित नासिक टीसीएस विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर से हिरासत में लिया है। नासिक पुलिस ने बयान जारी कर इसकी पुष्टि की। पुलिस ने बताया कि शहर की क्राइम ब्रांच की मदद से यह कार्रवाई की गई।
निदा खान पर जबरन धार्मिक परिवर्तन कराने, धार्मिक दबाव बनाने और यौन उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में नासिक के देवलाली कैंप पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) भी गठित किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक एक महिला ऑपरेशन मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोप है कि निदा खान ने टीसीएस में काम करने वाली महिला कर्मचारियों को इस्लामी परंपराओं के अनुसार कपड़े पहनने और व्यवहार करने की सलाह दी थी।
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कुछ पीड़ित महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर धार्मिक प्रथाएं अपनाने के लिए दबाव बनाया गया। इनमें नमाज पढ़ना, खानपान की आदतें बदलना और धार्मिक प्रतीक अपनाने जैसी बातें शामिल थीं।
इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पिछले महीने निदा खान ने गर्भावस्था का हवाला देते हुए नासिक की अदालत में अग्रिम जमानत और अंतरिम राहत की मांग की थी। हालांकि अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के जी जोशी ने उनकी याचिका खारिज कर दी।
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फडणवीस ने कहा, “नासिक टीसीएस में जो घटना हुई है, वह बेहद गंभीर है। टीसीएस ने मामले को गंभीरता से लिया है और पुलिस के साथ सहयोग कर रही है। हम मामले की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यदि यह कॉर्पोरेट जिहाद का मामला साबित होता है, तो इसकी पूरी तह तक जाएंगे।”
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