संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को कहा कि लोकसभा में विपक्षी नेता राहुल गांधी ने पेट्रोलियम मंत्री हर्दीप सिंह पुरी के खिलाफ “बिना प्रमाण वाले आरोप” लगाए हैं, जिनके लिए उन्हें पूर्व सूचना नहीं दी गई। इसके बाद एनडीए गठबंधन के सदस्य राहुल गांधी के खिलाफ “सदन की गरिमा का उल्लंघन” का नोटिस दायर करेंगे।
रिजिजू ने बताया कि नोटिस को सदन में अध्यक्ष के समक्ष रखा जाएगा, ताकि विपक्ष के नेता के दावे की पुष्टि की जा सके। उन्होंने कहा, “हम आवश्यक नोटिस स्पीकर के पास दायर करेंगे। विपक्ष के नेता ने बजट चर्चा में कोई उपयोगी और सार्थक योगदान नहीं दिया, केवल कुछ आधारहीन आरोप लगाए।”
संसदीय कार्य मंत्री ने यह भी कहा कि राहुल गांधी के भाषण में बजट या नीति पर कोई गंभीर सुझाव नहीं थे, बल्कि केवल आरोप लगाने की कोशिश की गई। रिजिजू के अनुसार, यह नोटिस सदन की गरिमा और सांसदों के अधिकारों की रक्षा के लिए आवश्यक है।
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इस कदम के जरिए एनडीए यह स्पष्ट करना चाहती है कि सदन में बिना प्रमाण के आरोप लगाना स्वीकार्य नहीं है और इसका गंभीर परिणाम होगा। नोटिस दायर होने के बाद स्पीकर तय करेंगे कि मामले की आगे की कार्रवाई किस प्रकार की जाए।
एनडीए नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं द्वारा व्यक्तिगत आरोप लगाने से संसदीय कार्य और चर्चा की गरिमा प्रभावित होती है, इसलिए इसे रोकने के लिए यह कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
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