तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने बुधवार को स्पष्ट किया कि डीएमके-कांग्रेस गठबंधन “मजबूत” है और किसी भी तरह की सत्ता साझेदारी (power-sharing) की संभावना नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब कुछ डीएमके और कांग्रेस नेताओं के बीच सीटों के बंटवारे और सत्ता साझा करने को लेकर बयानबाज़ी जारी थी।
स्टालिन ने गठबंधन में कोई भ्रम नहीं होने का दावा करते हुए हालिया अटकलों को निराधार बताया। उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि यह तमिलनाडु में काम नहीं करेगा, और कांग्रेस को भी यह पता है। यह कुछ लोगों द्वारा बनाई गई समस्या है, जो गठबंधन में दरार डालने की साजिश कर रहे हैं। हम इसके बारे में चिंतित नहीं हैं, और राहुल गांधी भी चिंतित नहीं हैं।”
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी और कांग्रेस के बीच संबंध मैत्रीपूर्ण हैं और कुछ मीडिया द्वारा फैलाई जा रही अटकलें गलत हैं। उन्होंने कहा, “गठबंधन में भ्रम की अफवाहें जानबूझकर फैलाई जा रही हैं। राजनीति से ऊपर, मैं राहुल गांधी को भाई की तरह देखता हूँ। जो लोग गठबंधन टूटने की उम्मीद कर रहे हैं, वह नहीं होगा।”
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कांग्रेस द्वारा सीटों के बंटवारे को लेकर असंतोष जताने के बाद स्टालिन के बयान ने विशेष महत्व प्राप्त कर लिया। पिछले महीने कांग्रेस और डीएमके नेताओं के बीच सत्ता साझेदारी पर जारी बहस के कारण गठबंधन के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं।
पिछले विधानसभा चुनाव 2021 में, कांग्रेस को राज्य की 234 सीटों में से 25 सीटें दी गई थीं, जिसमें उसने 18 सीटें जीतीं। वहीं डीएमके ने 188 सीटों पर चुनाव लड़ा और 133 सीटें जीतीं। इस साल मध्य में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के साथ ही पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में भी चुनाव होने की संभावना है।
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