केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम चार्जशीट तैयार कर ली है। अधिकारियों के अनुसार, व्यापक जांच के बावजूद एजेंसी को किसी केंद्र सरकार के अधिकारी या नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पदाधिकारी की इस लीक में संलिप्तता के सबूत नहीं मिले हैं, जिसके चलते उन्हें आरोपी नहीं बनाया जाएगा।
CBI अधिकारियों का कहना है कि पेपर लीक में सिर्फ निजी व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है — जिनमें NTA द्वारा नियुक्त किए गए विषय-विशेषज्ञ शिक्षक, कोचिंग सेंटर संचालक और बिचौलिए शामिल हैं। पहली चार्जशीट जुलाई में 13 आरोपियों के नाम पर दाखिल की गई थी, जिनमें तीन NTA-नियुक्त विषय विशेषज्ञ भी शामिल थे। इसके बाद एजेंसी ने फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (CFSL), सरकारी दस्तावेज़ परीक्षक और दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की राय आने तक "अन्य षड्यंत्रकारियों" की भूमिका की जांच जारी रखी थी।
मामले में 360 गवाहों, 422 दस्तावेज़ों और 43 भौतिक साक्ष्यों को आधार बनाया गया है। यह मामला मई 2026 में सामने आया था, जब परीक्षा से पहले कुछ "गेस पेपर" में वास्तविक प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते 120 सवाल पाए गए थे, जिसके बाद NTA को परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी। इस विवाद के चलते शिक्षा मंत्रालय ने अगस्त में NTA के 50 कर्मचारियों को हटाने सहित व्यापक सुधार किए थे। हालांकि कुछ छात्र संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि "बिना NTA या शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों की मिलीभगत के इतने बड़े स्तर पर लीक संभव ही नहीं था," और वे CBI की इस निष्कर्ष पर सवाल उठा रहे हैं।
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