केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चंडीगढ़ स्थित कैंप कार्यालय पर छापेमारी की। यह कार्रवाई कथित कैश-फॉर-पोस्टिंग और टेंडर में अनियमितताओं से जुड़े भ्रष्टाचार मामले की जांच के तहत की गई। सीबीआई की टीम शाम करीब 6 बजे सेक्टर-2 स्थित हाउस नंबर 50 पहुंची, जहां मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय है।
जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की कार्रवाई पंजाब में कई अन्य स्थानों पर भी जारी रही। मोहाली के अलावा संगरूर जिले के घराचों गांव में मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर घुम्मन के आवास पर भी जांच टीम ने तलाशी ली। चंडीगढ़ स्थित कार्यालय में पहुंची सीबीआई टीम दो वाहनों में आई थी और उसके साथ सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने छापेमारी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी शुरू कर चुकी है और केंद्र की जांच एजेंसियों का इस्तेमाल उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए किया जा सकता है। मान ने कहा कि बीजेपी को जनता से मिल रहे समर्थन की चिंता है।
और पढ़ें: भगवंत मान बोले- आपका प्यार मुझे पंजाब की सेवा करने की ताकत देता है
मामला पंजाब में कथित पोस्टिंग के बदले पैसे लेने और टेंडर से जुड़ी अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित है। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्देश दिया था। अदालत ने एजेंसी को जल्द मामला दर्ज कर दो महीने में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा था।
पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। राज्य सरकार ने सोमवार देर रात करीब 2 बजे याचिका दाखिल कर जल्द सुनवाई की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से पहले ही सीबीआई ने पंजाब में कार्रवाई शुरू कर दी।
आप नेता अरविंद केजरीवाल ने भी भगवंत मान का समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले सीबीआई की कार्रवाई बीजेपी की घबराहट को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि आप पंजाब की जनता के समर्थन के साथ चुनाव लड़ेगी।
और पढ़ें: महादेव बेटिंग ऐप केस में सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, दुबई से लौटे अभिषेक कुमार को हैदराबाद एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया