केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाली नर्सों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल जारी रखने का फैसला किया है। सैकड़ों नर्सें बुधवार को काम छोड़कर विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं और बेहतर वेतन तथा कामकाजी परिस्थितियों की मांग उठाई।
यह हड़ताल यूनाइटेड नर्सेस एसोसिएशन (यूएनए) के आह्वान पर की जा रही है। यह संगठन राज्य के करीब 490 निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में कार्यरत अधिकांश नर्सों का प्रतिनिधित्व करता है। संगठन का कहना है कि निजी अस्पतालों में काम करने वाली नर्सों को लंबे समय से कम वेतन और अधिक काम के बोझ का सामना करना पड़ रहा है।
हड़ताल पर उतरी नर्सों की मुख्य मांगों में वेतन वृद्धि, अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति, मरीज और नर्स के बीच बेहतर अनुपात सुनिश्चित करना तथा मनमाने तरीके से नौकरी से निकाले जाने की घटनाओं को रोकना शामिल है।
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नर्सों का आरोप है कि कई निजी अस्पतालों में यूनियन गतिविधियों में शामिल होने वाले कर्मचारियों को निशाना बनाकर नौकरी से निकाल दिया जाता है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा होती है।
प्रदर्शन कर रही नर्सों ने कहा कि मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए अस्पतालों में पर्याप्त स्टाफ होना जरूरी है। यदि एक नर्स पर बहुत अधिक मरीजों की जिम्मेदारी डाल दी जाती है, तो इससे इलाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है।
यूनाइटेड नर्सेस एसोसिएशन के नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार और अस्पताल प्रबंधन से जल्द बातचीत कर समाधान निकालने की अपील की है।
इस हड़ताल के कारण तिरुवनंतपुरम और आसपास के कई निजी अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
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