ओड़िशा के मुख्यमंत्री ने अपने काफिले का आकार कम करने का निर्णय लिया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और जिम्मेदार खपत की अपील के बाद उठाया गया। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के अनुसार, यह निर्णय अधिक व्यावहारिक और पर्यावरण के अनुकूल यात्रा प्रथाओं को अपनाने के उद्देश्य से लिया गया।
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि सड़क पर ट्रैफिक और प्रदूषण भी कम होगा। यह कदम सरकार के सतत विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए गए प्रयासों का हिस्सा है।
सीएमओ ने बताया कि मुख्यमंत्री का काफिला अब आवश्यक सुरक्षा और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार ही सीमित रहेगा। इससे सार्वजनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है बल्कि अन्य राज्यों और अधिकारियों के लिए भी एक उदाहरण पेश करता है कि कैसे छोटे, व्यावहारिक कदम बड़े स्तर पर ऊर्जा संरक्षण और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने जनता से अनुरोध किया कि वे सरकारी और निजी वाहनों की जगह बस, ट्रेन और मेट्रो जैसी सार्वजनिक परिवहन सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि यह कदम आर्थिक, पर्यावरणीय और सामाजिक दृष्टि से फायदेमंद है।
ओड़िशा सरकार के इस निर्णय से स्पष्ट होता है कि राज्य में नेतृत्व और प्रशासनिक कार्यों में सादगी और जिम्मेदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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