ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के सफल प्रक्षेपण को भारत की अंतरिक्ष यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि विक्रम-1 भारत की गौरवशाली अंतरिक्ष विरासत को दी गई एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्काईरूट की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि देश के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और उद्यमियों की असाधारण क्षमताओं को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र तेजी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र की भागीदारी से भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को नई गति मिली है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इस बात का प्रमाण है कि भारत में निजी कंपनियां भी अत्याधुनिक अंतरिक्ष तकनीक विकसित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।
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स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित विक्रम-1 रॉकेट भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस मिशन के माध्यम से भारत ने निजी कंपनियों द्वारा विकसित और संचालित ऑर्बिटल लॉन्च क्षमता वाले चुनिंदा देशों में अपनी जगह मजबूत की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के युवाओं और स्टार्टअप कंपनियों के लिए यह सफलता प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने वैज्ञानिक समुदाय और स्काईरूट की पूरी टीम को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी।
विक्रम-1 मिशन भारत में अंतरिक्ष क्षेत्र के बढ़ते निजीकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे भविष्य में छोटे उपग्रहों के प्रक्षेपण और व्यावसायिक अंतरिक्ष सेवाओं के क्षेत्र में नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
मोहन चरण माझी ने कहा कि भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियां अब केवल सरकारी संस्थानों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निजी कंपनियां भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़ी सफलताएं हासिल करेगा।
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