ओडिशा पुलिस ने राज्य से नक्सल खतरे को खत्म करने में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। एंटी-नक्सल ऑपरेशन्स के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजीव पांडा ने इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए सुरक्षा बलों की सराहना की।
एडीजी संजीव पांडा ने बताया कि ओडिशा में नक्सल गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया गया। उन्होंने विशेष रूप से स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और खुफिया विभाग के योगदान की प्रशंसा की।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान सुरक्षा बलों ने कई सफल अभियान चलाकर नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर किया है। इन अभियानों के दौरान कई नक्सलियों को निष्क्रिय किया गया और उनके ठिकानों को ध्वस्त किया गया। इससे राज्य के प्रभावित क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा की स्थिति मजबूत हुई है।
और पढ़ें: ओडिशा की महिला ने सरकार से अपील की, पांच साल से बांग्लादेश में कैद बेटी को बचाने की मांग
पांडा ने आगे बताया कि सुरक्षा बलों की रणनीति में तकनीकी निगरानी, खुफिया सूचनाओं का प्रभावी उपयोग और स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय अहम भूमिका निभा रहा है। इसके चलते नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ा नियंत्रण संभव हो पाया है।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार और पुलिस का लक्ष्य केवल नक्सल गतिविधियों को समाप्त करना ही नहीं, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देना भी है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसर बढ़ाने से लोगों का भरोसा शासन व्यवस्था में मजबूत हुआ है।
एडीजी ने विश्वास जताया कि आने वाले समय में ओडिशा पूरी तरह नक्सल मुक्त राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा और विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
और पढ़ें: ओडिशा में लगभग 90% मतदाता 2002 के चुनावी सूची से जुड़े: CEO