ओडिशा की पुरी की एक महिला ने मंगलवार को राज्य और केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि उनकी बेटी को बचाया जाए। महिला ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पांच साल पहले बांग्लादेश में ले जाकर कैद कर लिया गया।
महिला के अनुसार, उनकी बेटी 2021 में मात्र 16 वर्ष की उम्र में किसी के साथ पड़ोसी देश चली गई थी। तब से उसे वहां बंदी बना कर रखा गया है।
महिला ने बताया कि अब उसकी बेटी 21 वर्ष की हो गई है और हाल ही में उसने फोन के माध्यम से अपनी मां से संपर्क किया। इस बातचीत में उसने अपनी स्थिति के बारे में जानकारी दी और मदद की गुहार लगाई।
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महिला ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि उसकी बेटी की सुरक्षा और उसके घर लौटने के लिए तुरंत कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ व्यक्तिगत नहीं बल्कि मानवाधिकार और न्याय का सवाल भी है।
स्थानीय अधिकारियों ने इस मामले में अभी कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी है। महिला ने केंद्र और राज्य सरकार से मिलकर तत्काल कदम उठाने की मांग की है ताकि उनकी बेटी को सुरक्षित रूप से वापस लाया जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विदेश मंत्रालय की भूमिका अहम होती है, ताकि किसी भी देश में बंदी बनी भारतीय नागरिक को सुरक्षित निकाला जा सके।
महिला की यह अपील एक बार फिर सरकार और प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता को चुनौती दे रही है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही बेटी को बचाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
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