भारत ने आज ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ मनाई। यह सैन्य अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 26 नागरिकों की जान गई थी। भारत ने इसके बाद पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकवादी ठिकानों पर सटीक सैन्य कार्रवाई की थी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर भारतीय सशस्त्र बलों के साहस और बलिदान को सलाम किया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और सैन्य तैयारी का प्रतीक है। उन्होंने पाकिस्तान और आतंकी संगठनों को चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में निर्णायक कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
राजनाथ सिंह ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे सशस्त्र बलों ने अद्वितीय सटीकता, समन्वय और साहस का प्रदर्शन किया, जिसने आधुनिक सैन्य अभियानों के लिए नया मानक स्थापित किया।”
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भारतीय वायुसेना ने भी इस अभियान से जुड़ा एक संदेश दिया, "भारत कुछ नहीं भूलता और भारत कुछ माफ नहीं करता।” वहीं भारतीय सेना ने कहा कि यह भारत की संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति उसकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत 7 मई को हुई थी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित नौ से अधिक आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। इन ठिकानों का संबंध जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों से बताया गया, जो पुलवामा और मुंबई हमलों से जुड़े रहे हैं। इस अभियान में 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे।
इसके जवाब में पाकिस्तान ने 8 से 10 मई के बीच भारतीय सैन्य ठिकानों पर हमले की कोशिश की। इसके बाद भारत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। चार दिनों तक चले तनाव के बाद 10 मई को दोनों देशों ने हालात सामान्य करने पर सहमति जताई।
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