सिक्किम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया के बाद 54 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। चुनावी आंकड़ों के अनुसार, पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान कुल 54,209 मतदाताओं को बाहर किया गया।
आंकड़ों के मुताबिक, हटाए गए नामों में 37,724 मतदाता अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और दोहरे मतदाता यानी एएसडीडी श्रेणी के तहत शामिल थे। इसके अलावा 16,485 ऐसे मतदाता पाए गए, जो सुनवाई की प्रक्रिया के दौरान पात्र नहीं पाए गए। इसके बाद उनके नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य चुनावी रिकॉर्ड को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इस प्रक्रिया के दौरान यह जांच की जाती है कि सूची में दर्ज मतदाता संबंधित क्षेत्र में वास्तव में निवास करते हैं या नहीं और उनका नाम एक से अधिक स्थानों पर तो दर्ज नहीं है।
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सिक्किम में पुनरीक्षण के दौरान अनुपस्थित, स्थानांतरित और मृत मतदाताओं के साथ-साथ दोहरे नामों की भी पहचान की गई। इसके अलावा जिन मतदाताओं की पात्रता पर सवाल थे, उन्हें सुनवाई का अवसर दिया गया। सुनवाई के बाद 16,485 मतदाताओं को पात्र नहीं पाया गया।
मतदाता सूची से इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के बाद चुनावी प्रक्रिया और मतदाता रिकॉर्ड को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। चुनावी सूची में सही और पात्र मतदाताओं के नाम बनाए रखना स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़े बताते हैं कि एसआईआर के दौरान विभिन्न श्रेणियों में मतदाताओं की स्थिति की समीक्षा की गई। प्रक्रिया के तहत हटाए गए नामों में सबसे बड़ी संख्या एएसडीडी श्रेणी की रही।
सिक्किम में यह पुनरीक्षण प्रक्रिया चुनावी सूची को अद्यतन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, नाम हटाए जाने से प्रभावित लोगों के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी पात्रता को लेकर संबंधित चुनाव अधिकारियों के समक्ष दावा या आपत्ति दर्ज कराने का रास्ता उपलब्ध रहता है।
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