ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अरुणाचल प्रदेश में कथित चीनी घुसपैठ को लेकर केंद्र सरकार से संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस संवेदनशील मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए ताकि देश को सीमा पर वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके।
ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है जब अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर चीन की गतिविधियों को लेकर समय-समय पर चिंताएं जताई जाती रही हैं। AIMIM प्रमुख का मानना है कि सीमा सुरक्षा से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय पर जनप्रतिनिधियों को अंधेरे में नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि सरकार को संसद में इस पर खुलकर जवाब देना चाहिए।
गौरतलब है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का पूर्वोत्तर राज्य है, जिसकी सीमा चीन से लगती है और चीन इस राज्य के कुछ हिस्सों पर अपना दावा जताता रहा है, जिसे भारत सरकार बार-बार खारिज करती रही है। इससे पहले भी विपक्षी दलों की ओर से सीमा पर चीनी गतिविधियों को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाता रहा है, लेकिन सरकार की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि भारतीय सेना सीमा की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सतर्क है और किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जाता है।
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असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संसद का विशेष सत्र बुलाकर इस मुद्दे पर सभी दलों के सांसदों को अपनी बात रखने और सरकार से सवाल पूछने का अवसर दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है और इस पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार होना चाहिए।
फिलहाल केंद्र सरकार की ओर से ओवैसी की इस मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह देखना बाकी है कि क्या सरकार इस मांग को स्वीकार करते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाती है या फिर इस मुद्दे को आगामी सामान्य सत्र में उठाया जाएगा। अरुणाचल प्रदेश की सीमा सुरक्षा को लेकर यह बहस आने वाले दिनों में और तेज़ होने की संभावना है, क्योंकि यह मुद्दा सीधे तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है।
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