पाकिस्तान ने पक्तिया-कुर्रम सीमा पर स्थित एक अफगान सैन्य चौकी पर ताजा ड्रोन हमला किया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान पिछले लगभग 14 घंटों से अफगानिस्तान के भीतर तालिबान से जुड़े ठिकानों पर हवाई अभियान चला रहा है।
सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान ने जमीनी कार्रवाई के बजाय हवाई और ड्रोन हमलों की रणनीति अपनाई है। वहीं अफगान अधिकारियों का दावा है कि उनकी वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई की है और कुछ हमले इस्लामाबाद के नजदीकी क्षेत्रों तक पहुंचे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अफगानिस्तान का कहना है कि पाकिस्तानी हमलों में 55 लोगों की मौत हुई है, जबकि पाकिस्तान ने दावा किया है कि अफगान हमलों में 150 लोग मारे गए हैं। शुरुआती झड़पें तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से जुड़ी थीं, लेकिन अब स्थिति सीधे इस्लामाबाद और काबुल के बीच सैन्य टकराव में बदलती दिख रही है।
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वर्तमान संकट की जड़ अगस्त 2021 में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद से जुड़ी है। पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबान ने TTP को सीमा पार हमले करने की छूट दी, जिसे काबुल ने खारिज किया है।
इसके अलावा 1893 में ब्रिटिश भारत और अफगानिस्तान के बीच खींची गई 2,670 किलोमीटर लंबी डूरंड रेखा भी विवाद का प्रमुख कारण है। 1947 में पाकिस्तान के गठन के बाद यह सीमा विरासत में मिली, लेकिन अफगानिस्तान ने इसकी वैधता को कभी पूरी तरह स्वीकार नहीं किया।
विशेषज्ञों का मानना है कि तुर्की और कतर जैसे देश मध्यस्थता की कोशिश कर सकते हैं, लेकिन मौजूदा हालात में तनाव कम होने की संभावना फिलहाल कम दिख रही है।
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