राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध से कमांड एरिया की नहरों में पानी छोड़ने की मांग को लेकर खंडीप गांव में पिछले 15 दिनों से जारी किसानों का धरना अब और तेज हो गया है।
इस आंदोलन के समर्थन में पूर्व मंत्री गोलमा देवी महापंचायत में पहुंचीं और किसानों के साथ धरने में शामिल हो गईं। उन्होंने मंच से बड़ा ऐलान करते हुए कहा, “मैं भी एक किसान की बेटी हूं, जब तक नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता और किसानों को उनका हक नहीं मिलता, मैं इसी मंच पर बैठी रहूंगी।”
महापंचायत में पहुंचकर गोलमा देवी ने कोर्ट के आदेश के बावजूद पानी नहीं छोड़े जाने पर नाराजगी जताई और किसानों से एकजुट रहने व भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उनका बयान स्थानीय भाषा और अंदाज के कारण चर्चा में रहा।
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पूर्व विधायक ने कहा कि जब “मैदान में दादी आ गई हैं तो बाबा की बात करने की जरूरत नहीं है,” जिससे उनका इशारा राज्य के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की ओर माना जा रहा है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे पानी दिलाकर ही रहेंगी।
पांचना बांध की भराव क्षमता 258.62 मीटर और 2100 एससीएफटी बताई जाती है। इस बांध से करौली और सवाईमाधोपुर के कमांड एरिया के लगभग 35 गांवों की करीब 9,985 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन 2005 के बाद से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया।
पानी वितरण को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बांध के पास के कुछ गांवों का कहना है कि पहले उन्हें पानी मिलना चाहिए क्योंकि उनकी जमीन बांध निर्माण में चली गई थी, जबकि कमांड एरिया के किसान लगातार सिंचाई पानी की मांग कर रहे हैं।
इसी विवाद को सुलझाने के लिए भरतपुर के डीसी कार्यालय में बैठक जारी है, जिसमें दोनों पक्षों के किसान, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हैं। हालांकि अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
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