राजस्थान में सड़क अवसंरचना को नई गति देने वाली पनियाला-बड़ौदामेव सुपर एक्सप्रेस-वे परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। लगभग 86 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी एक्सप्रेस-वे के पूरा होने के बाद क्षेत्र की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह छह लेन का आधुनिक हाईवे करीब 1,748 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जा रहा है और इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाएगा।
भूमि अधिग्रहण और मुआवजा वितरण से जुड़े कई लंबित मामलों के समाधान के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने निर्माण कार्य में तेजी ला दी है। परियोजना के पूरा होने से कोटपूतली-बहरोड़, खैरथल-तिजारा और अलवर जिले के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
इस सुपर एक्सप्रेस-वे के जरिए करीब 55 गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था बेहतर होगी। स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और उद्योगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा क्षेत्र में निवेश और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
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परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में होने वाली कमी के रूप में सामने आएगा। वर्तमान में कोटपूतली से अलवर तक पहुंचने में लगभग दो घंटे का समय लगता है, लेकिन एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यह दूरी मात्र 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे ईंधन की बचत के साथ-साथ परिवहन लागत भी कम होगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल राजस्थान के उत्तरी हिस्से की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी, बल्कि दिल्ली-मुंबई कॉरिडोर से जुड़कर राष्ट्रीय स्तर पर व्यापार और परिवहन को भी नई गति देगी।
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र के विकास, रोजगार सृजन और औद्योगिक विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
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