संसद के बजट सत्र 2026 के पहले दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया। यह दस्तावेज चालू वित्त वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन का आधिकारिक आकलन प्रस्तुत करता है और साथ ही राष्ट्र के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों को रेखांकित करता है।
बजट सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (India-EU FTA) एक महत्वाकांक्षी भारत के लिए मील का पत्थर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि देश लंबे समय से लंबित समस्याओं से आगे बढ़ते हुए अब दीर्घकालिक समाधान लागू करने की दिशा में अग्रसर है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 का दस्तावेज वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा तैयार किया गया है। इसे मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) की देखरेख में अंतिम रूप दिया गया है। सर्वेक्षण में अप्रैल 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान अर्थव्यवस्था की स्थिति, विभिन्न आर्थिक संकेतकों और आगामी वित्त वर्ष के लिए दृष्टिकोण का विस्तृत विश्लेषण शामिल है।
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संसद का बजट सत्र कुल 65 दिनों तक चलेगा, जिसमें 30 बैठकें होंगी। सत्र का समापन 2 अप्रैल 2026 को होगा। इस दौरान दोनों सदन 13 फरवरी 2026 को अवकाश पर जाएंगे और 9 मार्च 2026 को पुनः बैठक करेंगे, ताकि विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की अनुदान मांगों की समीक्षा के लिए स्थायी समितियों को समय मिल सके।
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