पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच शुक्रवार को तेल विपणन कंपनियों—भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल)—ने प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में तत्काल प्रभाव से वृद्धि कर दी है। इन कंपनियों के ‘स्पीड’, ‘पावर’ और ‘एक्सपी95’ पेट्रोल के दाम 2.09 रुपये से लेकर 2.35 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाए गए हैं। हालांकि, आम पेट्रोल की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें डिरेगुलेटेड हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी केवल प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़ाए गए हैं, जबकि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
उन्होंने एलपीजी की स्थिति पर भी जानकारी देते हुए कहा कि घबराहट में बुकिंग (पैनिक बुकिंग) में कमी आई है और लगभग 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी में शिफ्ट हो चुके हैं। देश में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और सभी राज्यों में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। पिछले सप्ताह करीब 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है।
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इस बीच औद्योगिक डीजल की कीमतों में भी भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 22.02 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गई है।
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बाधित हुई है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली तेल आपूर्ति, जो वैश्विक खपत का लगभग 20 प्रतिशत है, काफी कम हो गई है। इससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने इस संकट से निपटने के लिए कारपूलिंग बढ़ाने, हाईवे पर गति सीमा घटाने और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग की सलाह दी है।
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