प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (18 जनवरी 2026) को पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि टीएमसी वोट बैंक की राजनीति के तहत घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है और राज्य में कानून-व्यवस्था, विकास तथा निवेशकों के भरोसे को बहाल करने के लिए “महा जंगल राज” का अंत जरूरी है।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए प्रधानमंत्री ने चुनावी मुकाबले को “महा जंगल राज बनाम सुशासन” करार दिया और मतदाताओं से भाजपा के “डबल इंजन सरकार” मॉडल को समर्थन देने की अपील की। हुगली जिले के सिंगूर में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों के सहारे बसे घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जाना चाहिए।
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार की नजरों के सामने सीमावर्ती इलाकों में अवैध घुसपैठ को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि वर्षों से सीमा पर बाड़ लगाने के लिए केंद्र राज्य सरकार से जमीन मांग रहा है, लेकिन टीएमसी सरकार सहयोग नहीं कर रही। “टीएमसी घुसपैठियों को बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है”।
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प्रधानमंत्री ने दावा किया कि टीएमसी शासन में दंगे, सिंडिकेट और माफिया खुलेआम सक्रिय हैं, जिससे उद्योग और निवेश प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने पर सिंडिकेट टैक्स और माफिया राज खत्म होगा। संदेशखाली की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भूमि कब्जे और महिलाओं के खिलाफ अपराध नहीं दोहराए जाने चाहिए।
पीएम मोदी ने शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार, शिक्षकों की नौकरी जाने और केंद्रीय योजनाओं को रोकने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत, पीएम मत्स्य संपदा योजना और पीएम-श्री स्कूल जैसी योजनाओं को जानबूझकर लागू नहीं किया जा रहा है। मछुआरों और युवाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि टीएमसी सरकार केंद्र की योजनाओं का लाभ लोगों तक नहीं पहुंचने दे रही।
विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने “विरासत और विकास” मॉडल की बात कही और दावा किया कि भाजपा सरकार बनने पर बंगाल को फिर से प्रगति के रास्ते पर लाया जाएगा।
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