प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तमिलनाडु के कोयंबटूर (कोयंबटूर) में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्ष, विशेषकर द्रविड़ मुनेत्र कज़गम (डीएमके) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को जानबूझकर नफरत और राजनीतिक विरोध का विषय बनाया गया।
पीएम मोदी ने कहा कि 2023 में “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पारित किया गया था और 16 तारीख को इसे लागू करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया गया। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से इस पहल का समर्थन करने की अपील की थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके, कांग्रेस और उनके सहयोगियों ने इस बिल को गलत प्रचार और डर फैलाने का साधन बना दिया। पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु की सीटों को लेकर भी झूठी आशंकाएं फैलाई गईं।
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प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिलनाडु में अब राजनीतिक बदलाव की नई शुरुआत हो रही है और लोग स्पष्ट संदेश दे रहे हैं कि “एनडीए अंदर है और डीएमके बाहर है।”
उन्होंने डीएमके पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके पास दिखाने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है, इसलिए वे भ्रामक मुद्दे उठाते हैं। पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि यह पार्टी परिवारवाद की राजनीति करती है और सत्ता को एक ही परिवार तक सीमित रखना चाहती है।
पीएम मोदी ने कहा कि तमिलनाडु में पिछले वर्षों में एक परिवार की संपत्ति बढ़ी है जबकि राज्य पर कर्ज बढ़ता गया है। उन्होंने इसे “परिवार-आधारित राजनीति” बताया।
उन्होंने कहा कि कोयंबटूर के लोग हमेशा विकास और ईमानदार राजनीति के साथ खड़े रहे हैं और उन्होंने माफिया राजनीति को खारिज किया है।
पीएम मोदी ने यह भी आरोप लगाया कि डीएमके भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में घिरी रही है और जनता इसे भली-भांति समझती है।
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