अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को मनाया जा रहा है, और इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से बड़े पैमाने पर योग में भाग लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं बल्कि भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशेष रूप से ओडिशा का उल्लेख करते हुए कहा कि योग इस राज्य की संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि ओडिशा की भूमि से वे देश के लोगों से अपील करते हैं कि वे योग दिवस को एक जन-आंदोलन के रूप में मनाएं और इसे अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम है। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है बल्कि मन को भी शांत और केंद्रित करता है।
और पढ़ें: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: 15 मिनट का योग रूटीन देगा दिनभर ऊर्जा और तनाव से राहत
उन्होंने देशवासियों से आग्रह किया कि वे 21 जून को अपने घरों, स्कूलों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर योग अभ्यास में शामिल हों। उनका कहना था कि जब बड़ी संख्या में लोग एक साथ योग करेंगे, तो यह समाज में सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देगा।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का उद्देश्य दुनिया भर में योग के महत्व को फैलाना और लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। भारत ने 2015 में इस दिवस की शुरुआत की थी, जिसके बाद यह वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण आयोजन बन गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि योग भारत की प्राचीन परंपरा को आधुनिक विश्व से जोड़ने का एक मजबूत माध्यम है और इसे हर व्यक्ति को अपनाना चाहिए।
और पढ़ें: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर मैसूरु का बड़ा लक्ष्य, 120 स्थानों पर 1.2 लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य