प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि हाल के दिनों में देश को कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा है, जो पूरे देश के धैर्य और सामूहिक शक्ति की परीक्षा ले रही हैं। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण समय में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों की सराहना की।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाढ़, भूकंप, भूस्खलन और चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं ने कई राज्यों में भारी तबाही मचाई है। इन कठिन परिस्थितियों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सुरक्षा बलों ने तत्परता के साथ राहत और बचाव कार्य किए तथा अनेक लोगों की जान बचाई। उन्होंने कहा कि इन बलों के जज्बे और समर्पण के कारण ही कई इलाकों में समय रहते बड़ी त्रासदी को टाला जा सका।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि आपदा प्रबंधन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक कर्तव्य है। स्थानीय समुदायों, स्वयंसेवी संगठनों और आम नागरिकों ने भी राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री ने सभी नागरिकों से आपदा के समय सतर्क रहने, आवश्यक दिशा-निर्देशों का पालन करने और बचाव दलों को सहयोग देने की अपील की।
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मोदी ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के कारण प्राकृतिक आपदाएँ अब और गंभीर रूप ले रही हैं, इसलिए हमें दीर्घकालिक समाधान और बेहतर पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करनी होगी।
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