प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को व्हाइट हाउस आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया गया।
यह बैठक भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सहयोग के बीच हुई, जिसमें रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और वैश्विक रणनीतिक मामलों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। बैठक में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया।
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर, जो इस बैठक में मार्को रुबियो के साथ मौजूद थे, ने कहा कि बातचीत का मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र रहा, जहां चीन लगातार अपने प्रभाव का विस्तार करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र में भारत को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार मानता रहा है।
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सर्जियो गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण तकनीकों के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर सकारात्मक चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका का एक अहम साझेदार है और दोनों देश मिलकर एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुनिश्चित कर सकते हैं।
बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का स्वागत किया और दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और अमेरिका वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए मिलकर काम करते रहेंगे।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और अन्य क्षेत्रों में तनाव को लेकर वैश्विक कूटनीति में तेजी देखी जा रही है।
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