एससीओ (शंघाई सहयोग संगठन) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल मिन आंग ह्लाइंग से द्विपक्षीय वार्ता की। इस मुलाकात में क्षेत्रीय सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और आपसी संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भारत-चीन संबंधों पर जोर देते हुए कहा कि “ड्रैगन और हाथी को एकजुट होना होगा।” उनका इशारा इस बात पर था कि एशिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को प्रतिस्पर्धा के बजाय सहयोग की दिशा में बढ़ना चाहिए।
वार्ता के दौरान पीएम मोदी और म्यांमार जनरल ने सीमा प्रबंधन, व्यापार विस्तार, ऊर्जा सहयोग और कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। दोनों नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए करीबी समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान और मध्य एशियाई देशों के प्रमुख नेता शामिल हैं। यह मंच क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद निरोधक सहयोग और आर्थिक साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकात ने भी वैश्विक ध्यान खींचा है क्योंकि दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों से सीमा विवाद और व्यापारिक तनाव के कारण चुनौतीपूर्ण रहे हैं।
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