नेपाल के रसुवा जिले में आई भीषण बाढ़ के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार, 26 अगस्त को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत की। प्रधानमंत्री मोदी ने बाढ़ में हुई जनहानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की और नेपाल को संकट से निपटने के लिए भारत की ओर से हरसंभव मानवीय और राहत सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
तिब्बत सीमा से सटे नेपाल के दो जिलों में अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से कम से कम 22 लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 400 लोग लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ से नदी किनारे बसे इलाकों और लगभग एक दर्जन जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
भारत हरसंभव मदद के लिए तैयार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुश्किल समय में भारत के लोग नेपाल के साथ मजबूती से खड़े हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय टीमें बचाव और राहत कार्यों को लेकर नेपाल के अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रही हैं।
और पढ़ें: पीएम मोदी ने 2025 बैच के आईएफएस प्रशिक्षु अधिकारियों से की मुलाकात, वैश्विक आर्थिक जुड़ाव में भूमिका निभाने का आह्वान
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत नेपाल को हरसंभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है और राहत अभियान में सहयोग जारी रहेगा।
वायुसेना के विमान से भेजी जाएगी राहत सामग्री
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, भारत बाढ़ प्रभावित नेपाल में भारतीय वायुसेना के विमानों के जरिए राहत सामग्री भेजने की तैयारी कर रहा है। आपातकालीन खेप में दवाइयां, राशन और अन्य जरूरी सामान शामिल होंगे। यह सहायता सरकार की मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) पहल के तहत भेजी जाएगी।
भारत सरकार नेपाल में बचाव और राहत अभियान में सहायता के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के जवानों को भेजने पर भी विचार कर रही है।
105 भारतीय लापता
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, रसुवा में बाढ़ के बाद 384 यात्री लापता बताए गए हैं। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। लापता विदेशी नागरिकों में करीब 105 भारतीय और 37 प्रवासी भारतीय शामिल हैं।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
नेपाल स्थित भारतीय दूतावास ने प्रभावित भारतीय नागरिकों के लिए आपातकालीन नंबर जारी किए हैं। सहायता और जानकारी के लिए +977 985 131 6807 और +977 970 910 7500 पर संपर्क किया जा सकता है। दोनों नंबरों पर व्हाट्सऐप के जरिए भी संपर्क की सुविधा है।
दूतावास ने कहा कि वह नेपाली अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय कर रहा है, ताकि बाढ़ प्रभावित भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द बचाया जा सके और उन्हें राहत पहुंचाई जा सके।
और पढ़ें: आज से आगे सोचें, कल का भारत बनाएं, पीएम मोदी का शीर्ष अधिकारियों को बड़ा संदेश