पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बुधवार को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित कार्यक्रम में इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के निदेशक डॉ. महेश दीक्षित ने देश भर के उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में 154 पुलिसकर्मियों ने देश सेवा करते हुए अपना बलिदान दिया, जबकि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से अब तक कुल 36,852 पुलिसकर्मी शहीद हो चुके हैं।
डॉ. दीक्षित ने इस दिन के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए 1959 में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों के बलिदान को याद किया, जिसके बाद से यह दिन प्रतिवर्ष मनाया जाता है। उन्होंने कहा, "आज, पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर, हम राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर उन बहादुर पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए हैं, जिन्होंने पिछले एक वर्ष में कर्तव्य के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। हम उन सभी शहीद साथियों को भी सम्मानित करने के लिए यहां जमा हुए हैं, जिन्होंने भारत की आज़ादी के बाद से कर्तव्य पालन करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया।" उन्होंने आगे बताया कि 21 अक्टूबर 1959 को इंटेलिजेंस ब्यूरो के डीसीआईओ करम सिंह के नेतृत्व में सीआरपीएफ के दस वीर जवानों ने भारत-चीन सीमा पर एक सशस्त्र चीनी सैन्य टुकड़ी का सामना करते हुए अपना बलिदान दिया था, और तभी से इस तिथि को प्रतिवर्ष पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है।
डॉ. दीक्षित ने बताया कि इस अवसर पर राज्यों की राजधानियों, जिलों और थानों में विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से शहीद साथियों को श्रद्धांजलि दी जाती है। राष्ट्रीय स्तर पर आज एक संयुक्त स्मृति परेड का आयोजन किया गया, जिसमें सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ), सीआरपीएफ, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी), असम राइफल्स, रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली पुलिस के जवानों ने भाग लिया। उन्होंने यह भी बताया कि वर्ष 2019 के पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई सिफारिशों के अनुसार, 22 से 30 अक्टूबर तक विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों द्वारा राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर विभिन्न स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें शहीद जवानों के परिजन भी शामिल होंगे।
और पढ़ें: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो मुंबई पहुंचे, भारत-अमेरिका सहयोग बढ़ाने पर होगी बातचीत
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश भर के पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सोशल मीडिया मंच पर एक पोस्ट में लिखा, "पुलिस स्मृति दिवस हमारे पुलिसकर्मियों के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है, जो अक्सर सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उल्लेखनीय प्रतिबद्धता के साथ सेवा करते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराध से लड़ने, आपात स्थितियों में प्रतिक्रिया देने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक, उनका योगदान अमूल्य है।" उन्होंने आगे कहा, "हम उन बहादुर पुलिसकर्मियों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने कर्तव्य निर्वहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर किए। उनका साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान हमारे राष्ट्र की स्मृति में सदैव अंकित रहेगा।"
गौरतलब है कि पुलिस स्मृति दिवस प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को देश भर में मनाया जाता है, जो वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स में भारी हथियारों से लैस चीनी सैनिकों की घात लगाकर किए गए हमले का बहादुरी से मुकाबला करते हुए शहीद हुए सीआरपीएफ के दस जवानों की स्मृति में समर्पित है।
और पढ़ें: अमित शाह ने पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं के परिजनों से मुलाकात की, AAP सरकार पर साधा निशाना