वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के राज्य समन्वयक सज्जला रामकृष्ण रेड्डी ने आरोप लगाया है कि चंद्रबाबू नायडू सरकार मेगा डीएससी-2025 में कथित अनियमितताओं की सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार विशिष्ट सवालों का जवाब देने के बजाय छात्रों और बेरोजगार युवाओं के खिलाफ पुलिस दमन का सहारा ले रही है।
सज्जला ने कहा कि मेगा डीएससी-2025 से जुड़े कई सवालों और कथित अनियमितताओं का अब तक स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है। उनके मुताबिक, सरकार को भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर तथ्य सामने रखने चाहिए और अभ्यर्थियों की चिंताओं को दूर करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा करने के बजाय प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है।
वाईएसआरसीपी नेता ने दावा किया कि पुलिस बल के इस्तेमाल से छात्रों और बेरोजगार युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता जरूरी है, क्योंकि बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी की उम्मीद के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होते हैं।
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सज्जला ने चंद्रबाबू नायडू सरकार से मेगा डीएससी-2025 को लेकर उठाए जा रहे सवालों का स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को अभ्यर्थियों की शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए और यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और बेरोजगार युवाओं के आंदोलन को पुलिस के जरिए रोकने से मूल सवाल खत्म नहीं होंगे। उनके अनुसार, भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत, पारदर्शिता और तथ्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
सज्जला ने कहा कि पुलिस दमन से कथित डीएससी घोटाले की सच्चाई को लंबे समय तक नहीं दबाया जा सकता। उन्होंने सरकार से युवाओं के हित में उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और सभी संबंधित सवालों के जवाब देने की अपील की।
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