आंध्र प्रदेश में डीएससी-2025 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। गुरुवार को विजयवाड़ा के मुथ्यालमपाडु इलाके में सत्तारूढ़ तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) और विपक्षी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भारी संख्या में तैनात करना पड़ा।
वाईएसआरसीपी ने डीएससी-2025 भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था। इस आंदोलन का नेतृत्व पूर्व विधायक मल्लादी विष्णु कर रहे थे, जिन्होंने धरना और भूख हड़ताल का आह्वान किया।
रिपोर्टों के अनुसार, टीडीपी नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए शिविर की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके बाद प्रशासन ने कथित रूप से प्रदर्शन स्थल से टेंट हटवा दिया और पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाते हुए कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस दौरान दोनों दलों के समर्थकों के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की और झड़प में बदल गई।
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पुलिस ने हालात बिगड़ने से पहले ही हस्तक्षेप कर स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
वहीं, विशाखापट्टनम में भी वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं ने डीएससी भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर भूख हड़ताल जारी रखी। पार्टी का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए स्वतंत्र जांच आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि डीएससी-2025 भर्ती को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
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