राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने गुजरात के राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के दीक्षांत समारोह में भाग लिया और विद्यार्थियों को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने देश में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और गुणवत्ता को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि देशभर में कई एम्स संस्थान स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य आम जनता को सस्ती दरों पर विश्वस्तरीय तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ये संस्थान न केवल इलाज के क्षेत्र में उत्कृष्टता ला रहे हैं, बल्कि चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान को भी नई दिशा दे रहे हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने स्नातक छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि वे अब समाज की सेवा के एक महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने उनसे अपेक्षा जताई कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश और मानवता की भलाई के लिए करेंगे।
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उन्होंने यह भी कहा कि डॉक्टरों की भूमिका केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज में जागरूकता फैलाने और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने में भी अहम योगदान देते हैं।
इस समारोह में संस्थान के अधिकारियों, शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मेधावी छात्रों को डिग्री और पुरस्कार भी प्रदान किए गए।
एम्स राजकोट देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक बनता जा रहा है और यह क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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