समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में तीखा बयान देते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने लोगों से कहा कि वे “रामायण को याद रखें” और यह समझें कि कौन सही है और कौन गलत।
अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ को “नकली संत” बताते हुए कहा कि धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से सावधान रहना चाहिए। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्माया हुआ है।
यह बयान योगी आदित्यनाथ द्वारा एक दिन पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर किए गए हमले के बाद आया है। योगी ने टीएमसी सरकार की आलोचना करते हुए कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को उठाया था।
और पढ़ें: पश्चिम बंगाल में पुजारियों और मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ा, ममता बनर्जी ने 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की
अखिलेश यादव ने कहा कि जनता को सच्चाई को पहचानना चाहिए और धर्मग्रंथों के मूल संदेश को समझना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग धर्म का इस्तेमाल केवल राजनीतिक लाभ के लिए कर रहे हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है और विभिन्न दलों के नेताओं ने इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दी है। चुनावी माहौल में ऐसे बयानबाजी से सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के नजदीक आते ही इस तरह के तीखे राजनीतिक बयान और भी बढ़ सकते हैं, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो जाएगा।
और पढ़ें: युद्ध रोकने के लिए पीएम को इजरायली पीएम और अमेरिकी राष्ट्रपति से मित्रता का लाभ उठाना चाहिए: सपा सांसद रामगोपाल यादव