राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को अपनी महाराष्ट्र यात्रा पूरी कर नासिक से रवाना हो गईं। उन्हें विदा करने के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस मौजूद रहे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार, राज्य मंत्री जयकुमार रावल और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
राष्ट्रपति मुर्मू ने 31 अक्टूबर को महाराष्ट्र का दौरा किया था, जिस दौरान उन्होंने नासिक के रामकुंड में ध्वजस्तंभ और पवित्र ध्वज की पूजा की और नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ मेला 2027 की शुरुआत के प्रतीक स्वरूप धर्मध्वज फहराया। महाराष्ट्र मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, उन्होंने इस दौरान थीम सॉन्ग 'हर हर गंगे' का अनावरण भी किया, नासिक-त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च की और एक विशेष डाक टिकट जारी किया। इसके अलावा उन्होंने महागोदावरी आरती में भी हिस्सा लिया और सभी की प्रगति एवं कल्याण की कामना की।
1 नवंबर को राष्ट्रपति मुर्मू का कुरुक्षेत्र में हरियाणा के गठन की 60वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित हीरक जयंती समारोह में शामिल होने का कार्यक्रम है। वे गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वामी श्रद्धानंद जी के बलिदान की शताब्दी के उपलक्ष्य में आयोजित एक उत्सव में भी भाग लेंगी।
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इससे पहले, 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शिरकत की थी और संबोधन दिया था। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बस्तर दशहरा को छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव और सामूहिक आस्था का प्रतीक बताया था। उन्होंने कहा था कि इस उत्सव में पूरे समुदाय की भागीदारी असाधारण है और इसके विभिन्न अनुष्ठान समाज के विभिन्न वर्गों के बीच जुड़ाव और भाईचारे की भावना को बढ़ावा देते हैं।
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