राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (7 मार्च 2026) को पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की। उन्होंने दार्जीलिंग जिले में एक कार्यक्रम में भाग लेने के दौरान प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर नाराजगी जताई। राष्ट्रपति मुर्मू ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि राज्य सरकार ने उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार नहीं सम्मानित किया।
राष्ट्रपति ने खासकर राज्य सरकार के मंत्रियों की अनुपस्थिति पर भी दुख व्यक्त किया। दार्जीलिंग में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में राष्ट्रपति मुर्मू को शामिल होना था, लेकिन कार्यक्रम में राज्य के मंत्री उपस्थित नहीं थे। इससे राष्ट्रपति को असहज महसूस हुआ।
इसके अलावा, राज्य सरकार ने सम्मेलन का स्थान भी बदल दिया था, जिसका कारण वहां अधिक भीड़ और सुरक्षा संबंधी चिंताएं बताई गईं। इस फैसले से भी राष्ट्रपति को असंतोष हुआ, क्योंकि यह बदलाव बिना पूर्व सूचना के किया गया था।
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राष्ट्रपति मुर्मू ने इस घटना पर असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि यह प्रोटोकॉल की पूरी तरह से अवहेलना है। इसने आयोजन की गरिमा और अनुशासन को प्रभावित किया। पश्चिम बंगाल सरकार की इस विफलता को लेकर यह मामला चर्चा में बना हुआ है।
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