भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ओडिशा के मयूरभंज जिले के पहाड़पुर गांव का दौरा किया। यह दौरा राज्य के जनजातीय बहुल क्षेत्र में एक संयुक्त कार्यक्रम के तहत हुआ, जिसे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस अवसर पर दोनों शीर्ष नेताओं ने जनजातीय समुदाय के पारंपरिक पवित्र उपवनों (Sacred Groves) में पहुंचकर पूजा-अर्चना की और स्थानीय परंपराओं का सम्मान किया। यह उपवन जनजातीय समाज की आस्था और प्रकृति से गहरे जुड़ाव का प्रतीक माने जाते हैं, जहां पेड़ों और प्राकृतिक तत्वों को पूजनीय माना जाता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, जो स्वयं भी जनजातीय समुदाय से आती हैं, ने इस दौरान स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी सांस्कृतिक विरासत की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनजातीय परंपराओं और प्रकृति संरक्षण के महत्व पर जोर दिया।
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कार्यक्रम के दौरान क्षेत्रीय जनजातीय समुदाय के लोगों ने पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दोनों नेताओं का स्वागत किया। पूरा वातावरण उत्सव जैसा दिखाई दिया, जिसमें स्थानीय संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से देखने को मिली।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस दौरे का उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देना है। केंद्र सरकार लगातार जनजातीय समुदायों के जीवन स्तर को सुधारने और उनकी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित करने के लिए कई योजनाएं चला रही है।
मयूरभंज का यह क्षेत्र अपनी समृद्ध जनजातीय परंपराओं, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का यह संयुक्त दौरा न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि इसे जनजातीय समाज के प्रति सम्मान और जुड़ाव के रूप में भी देखा जा रहा है।
इस कार्यक्रम ने स्थानीय लोगों में उत्साह और गर्व की भावना पैदा की, और इसे राज्य के लिए एक ऐतिहासिक अवसर माना जा रहा है।
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