महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में पारित न होने के बाद कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इस विधेयक को “हमेशा सत्ता में बने रहने की साजिश” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश के लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करना था।
नई दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय पर आयोजित कॉन्फ्रेंस में प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि यह विधेयक परिसीमन लागू करने के उद्देश्य से लाया गया था, जिससे दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों के प्रतिनिधित्व को कमजोर किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस विधेयक का गिरना लोकतंत्र की बड़ी जीत है।
प्रियंका गांधी ने कहा, “जो कल हुआ वह लोकतंत्र की महत्वपूर्ण जीत है। सरकार का संघीय ढांचे को बदलने और लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास विफल हो गया। यह संविधान, देश और विपक्ष की एकता की जीत है।”
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वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने स्पष्ट किया कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023’ को लागू करना चाहती है तो विपक्ष इसका समर्थन करेगा।
उन्होंने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि परिसीमन के जरिए दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों की लोकसभा में हिस्सेदारी कम की गई, तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अंतरराष्ट्रीय दबाव में काम कर रही है, जो अब जनता के सामने साफ नजर आ रहा है।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले समय में यह बहस और गहराने की संभावना है।
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