पुणे नगर निगम (पीएमसी) चुनावों के मद्देनज़र एक बार फिर नगर राजनीति में सक्रिय रहे नेताओं की संपत्ति का विवरण सामने आया है। पहले नगर निगम में महापौर और उपमहापौर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके तीन पूर्व महापौर और एक पूर्व उपमहापौर इस बार फिर से चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामों में यह घोषणा की है कि वर्ष 2017 में लड़े गए पिछले चुनाव की तुलना में उनकी कुल संपत्ति में बढ़ोतरी हुई है।
चुनाव लड़ रहे तीन पूर्व महापौरों में वैशाली बांकर, दत्तात्रेय धनकवड़े और प्रशांत जगताप शामिल हैं। ये तीनों पहले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) से जुड़े रहे हैं। मौजूदा चुनाव में वैशाली बांकर और दत्तात्रेय धनकवड़े एनसीपी के उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतरे हैं, जबकि प्रशांत जगताप कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।
इन नेताओं ने चुनाव आयोग को सौंपे गए हलफनामों में अपनी चल-अचल संपत्तियों, बैंक जमा, निवेश और अन्य वित्तीय विवरणों का खुलासा किया है। दस्तावेज़ों के अनुसार, पिछले चुनाव के बाद इनकी संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इसके साथ ही, एक पूर्व उपमहापौर भी इस बार पुनः चुनाव लड़ रहे हैं और उन्होंने भी अपनी संपत्ति में इजाफा घोषित किया है।
और पढ़ें: मेरे शांति संदेश छुपाए गए, दुर्भावना से हुई हिरासत: सोनम वांगचुक ने सुप्रीम कोर्ट से कहा
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नगर निगम जैसे स्थानीय निकायों के चुनावों में संपत्ति का मुद्दा मतदाताओं के लिए एक अहम कारक बनता जा रहा है। बढ़ती संपत्ति को लेकर जहां विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं, वहीं उम्मीदवारों का कहना है कि यह वृद्धि वैध आय, व्यवसाय और निवेश के कारण हुई है।
पुणे नगर निगम चुनावों में इस बार मुकाबला कड़ा माना जा रहा है। सत्ताधारी और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समीकरण लगातार बदल रहे हैं। ऐसे में अनुभवी नेताओं की दोबारा एंट्री और उनकी घोषित संपत्ति पर जनता की नजर टिकी हुई है।
और पढ़ें: तमिलनाडु में गठबंधन रणनीति पर फिर मंथन क्यों कर रही है बीजेपी, AIADMK से बातचीत तेज