लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित तौर पर कराए गए ‘शुद्धिकरण’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इसे अपराध बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि कथित शुद्धिकरण की घटना अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का उल्लंघन है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से मामले में हस्तक्षेप कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।
राहुल गांधी ने कहा कि किसी व्यक्ति की मौजूदगी के बाद किसी स्थान का ‘शुद्धिकरण’ करना छुआछूत की मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधि कानूनन अपराध है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कांग्रेस नेता ने मांग की कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी अधिनियम के तहत तुरंत मामला दर्ज किया जाए।
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राहुल गांधी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को न्याय मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना भाजपा और आरएसएस की दलितों के प्रति सोच को दर्शाती है। उनके मुताबिक, ऐसी मानसिकता दलितों को आगे बढ़ने, सम्मान के साथ जीवन जीने और सफलता हासिल करने से रोकने की कोशिश करती है।
उन्होंने उत्तराखंड भाजपा नेतृत्व पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कथित रूप से इस गतिविधि का समर्थन किया। राहुल गांधी ने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि कांग्रेस इस मामले में न्याय के लिए संघर्ष करेगी। राहुल गांधी ने कहा कि यदि सरकार ने उचित कार्रवाई की तो ठीक है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस की ओर से प्रतिक्रिया होगी।
उन्होंने कहा कि मुद्दा किसी नेता के बयान देने या चुप रहने का नहीं, बल्कि छुआछूत जैसी प्रथाओं के खिलाफ कानून लागू करने का है।
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