उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को देवरिया में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा और कांग्रेस की सरकारों के दौरान उत्तर प्रदेश में समानांतर माफिया शासन चलता था, जिसे भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले उत्तर प्रदेश को ‘बीमारू’ राज्य के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब परिस्थितियां पूरी तरह बदल चुकी हैं। उन्होंने दावा किया कि आज उत्तर प्रदेश देश में सम्मानजनक पहचान बना चुका है और लोगों को अपने राज्य का नाम लेने में किसी तरह की शर्मिंदगी महसूस नहीं होती।
मुख्यमंत्री ने सपा और कांग्रेस की पूर्व सरकारों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि उस समय की ‘बीमार मानसिकता’ ने प्रदेश के निर्दोष लोगों की जान जाने की घटनाओं को नजरअंदाज किया। उन्होंने दावा किया कि चार दशकों में 50 हजार से अधिक निर्दोष लोगों की जान गई, लेकिन उस दौरान न तो सपा या कांग्रेस का कोई मुख्यमंत्री और न ही कांग्रेस का कोई प्रधानमंत्री प्रभावित क्षेत्र में स्थिति देखने पहुंचा।
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योगी ने अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पिछले वर्षों में प्रदेश में कानून-व्यवस्था और विकास के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्हें जनता से अपनी कथित विफलताओं के लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने 26 तारीख को शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव को ‘बबुआ’ कहकर तंज कसा। उन्होंने कहा कि योजना शुरू होने के बाद समाजवादी पार्टी के ‘बबुआ’ अचानक नींद से जागे और जल्दबाजी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी।
उत्तर प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही है, जबकि समाजवादी पार्टी करीब एक दशक बाद सत्ता में लौटने की तैयारी कर रही है।
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