कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘सत्याग्रह’ नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया। इसका उद्देश्य देशभर में अलग-अलग मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलनों और लोगों की शिकायतों को एक मंच पर लाना है। गांधी ने महात्मा गांधी का उल्लेख करते हुए कहा कि सत्य सबसे बड़ा हथियार है, लेकिन सत्य के साथ एकजुट होकर खड़ा होना उससे भी बड़ी ताकत है।
राहुल गांधी ने लोगों से अपील की कि वे अपने संघर्ष और विरोध की जानकारी ‘सत्याग्रह’ मंच पर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि देशभर में युवा, छात्र, किसान, आदिवासी, दलित और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए अलग-अलग लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन अकेली आवाज को दबाना आसान होता है। यह मंच ऐसी आवाजों को एक नक्शे पर एक साथ लाने की पहल है।
राहुल गांधी ने कहा कि लोग वेबसाइट पर फॉर्म भरकर अपने आंदोलन को दर्ज करा सकते हैं। उनके अनुसार, उनकी टीम हर शिकायत और आवेदन को पढ़ेगी, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त जानकारी मांगेगी और वास्तविक मामलों को व्यापक स्तर पर उठाने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि वे संसद, सड़कों और पत्रों के जरिए जहां भी संभव होगा, लोगों के साथ खड़े होंगे।
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राहुल गांधी ने यह भी कहा कि ‘सत्याग्रह’ एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि इसे आने वाले वर्षों तक जारी रखने की योजना है। उन्होंने बताया कि मंच शुरू होने के करीब नौ घंटे के भीतर 10 हजार से अधिक लोगों और समूहों ने अपनी समस्याएं साझा की थीं। इनमें शिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक न्याय, किसान, श्रम, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, जमीन और पर्यावरण से जुड़े मुद्दे शामिल हैं।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस पहल का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि मंच का उद्देश्य विभिन्न विरोध आंदोलनों को एक साथ लाना है। उन्होंने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस कार्रवाई का भी विरोध किया।
राहुल गांधी ने लोगों से संविधान के लिए आवाज उठाने और अपने संघर्ष की कहानी साझा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह पहल अभी शुरुआत है और हर छोटे-बड़े आंदोलन के साथ खड़े रहने का प्रयास करेगी।
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