कर्नाटक में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने सवाल उठाया कि इस मामले पर राहुल गांधी चुप क्यों हैं।
संबित पात्रा ने दावा किया कि कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) ने 8 और 9 जनवरी 2026 को पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती परीक्षा आयोजित की थी। आरोप है कि परीक्षा से एक दिन पहले 7 जनवरी को प्रश्नपत्र लीक हो गया था। परीक्षा में करीब 1,400 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 400 उम्मीदवारों का चयन किया जाना था।
पात्रा के अनुसार, परीक्षा में असफल रहे एस. मंजूनाथ को बाद में पता चला कि कथित तौर पर कमजोर प्रदर्शन करने वाले कुछ उम्मीदवारों का भी चयन हुआ है। इसके बाद मंजूनाथ ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए कथित पैसे के लेनदेन का खुलासा किया। मामले की जांच राज्य की आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी की है।
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आरोप है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार गंगवार ने कथित तौर पर प्रश्नपत्र 30 से 40 लाख रुपये में बेचा था। उस समय गंगवार कर्नाटक लोक सेवा आयोग में परीक्षा नियंत्रक के पद पर कार्यरत थे। बताया गया है कि परीक्षा पशुपालन विभाग में पशु चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती के लिए आयोजित की गई थी।
मामले में कथित तौर पर कुल 1.52 करोड़ रुपये एकत्र किए गए, जिसमें से 1.30 करोड़ रुपये गंगवार को दिए जाने का आरोप है। शुरुआत में मामला विधान सौध पुलिस थाने में दर्ज हुआ था। बाद में 28 जुलाई को जांच अपराध जांच विभाग को सौंप दी गई।
शिकायतकर्ता मंजूनाथ ने केपीएससी अधिकारियों पर भर्ती परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। इसके बाद सीआईडी ने परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू की।
ईडी की हालिया कार्रवाई में भी कथित धन लेनदेन का पता चलने की बात सामने आई है। कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा पास करने के लिए पैसे देने की बात स्वीकार किए होने का दावा किया गया है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है।
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