संसद के बजट सत्र 2026 के दौरान सोमवार को लोकसभा में उस समय जबरदस्त हंगामा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान अपना भाषण शुरू किया। उनके संबोधन के दौरान डोकलाम और लद्दाख से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते ही सत्तापक्ष ने कड़ा विरोध दर्ज कराया और सदन में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
राहुल गांधी अपने भाषण में पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की आत्मकथा से जुड़े संदर्भों का हवाला दे रहे थे, जिस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत हस्तक्षेप किया। उन्होंने आपत्ति जताते हुए कहा कि संसद में केवल प्रामाणिक और आधिकारिक स्रोतों से ही उद्धरण दिए जाने चाहिए। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि अप्रकाशित या विवादित स्रोतों के आधार पर बयान देना उचित नहीं है।
इस पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने विरोध जताया और बार-बार टोके जाने को असंसदीय बताया। देखते ही देखते सदन का माहौल गर्म हो गया और कुछ देर के लिए कार्यवाही बाधित हो गई।
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यह बहस ऐसे समय में हो रही है जब एक दिन पहले ही वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में अपना लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश किया था। राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए संसद ने कुल 18 घंटे निर्धारित किए हैं। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखे राजनीतिक वार-पलटवार देखने को मिल रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को इस बहस का जवाब दे सकते हैं, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के 11 फरवरी को सदन को संबोधित करने की संभावना है। मौजूदा घटनाक्रम ने बजट सत्र के शुरुआती दिनों में ही राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
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