लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर भगवान शिव के प्रतीक वाली एक तस्वीर साझा की और उसके साथ संस्कृत वाक्यांश ‘सत्यम् शिवम् सुन्दरम्’ लिखा। यह पोस्ट ऐसे समय आई है, जब मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच विवाद जारी है। इसी दिन सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और एसआईआर प्रक्रिया से संबंधित फैसलों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।
राहुल गांधी की पोस्ट में तीन क्षैतिज सफेद रेखाओं और एक खड़ी लाल रेखा का प्रतीक दिखाई देता है, जिसे भगवान शिव से जोड़ा जाता है। यह पोस्ट चुनाव आयोग के कामकाज पर कांग्रेस नेता की लगातार उठाई जा रही आपत्तियों के बीच सामने आई है।
एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर विवाद
राहुल गांधी चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते रहे हैं। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और ‘वोट चोरी’ के आरोप लगाए हैं। हालांकि, चुनाव आयोग इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
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11 अक्टूबर को राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकालने की घोषणा की थी। उन्होंने विपक्षी दलों, नागरिक संगठनों और आम लोगों से इस विरोध अभियान में शामिल होने की अपील की थी। उनका कहना था कि प्रदर्शनकारी भारत के मुख्य न्यायाधीश को ज्ञापन सौंपकर एसआईआर प्रक्रिया रोकने और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करेंगे।
राहुल गांधी ने विपक्ष के आंदोलन का वर्णन करने के लिए भगवान शिव के तांडव का भी उल्लेख किया। दिल्ली में एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन भी हुए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में क्या है मामला?
राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और विपक्षी गठबंधन ‘INDIA’ के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि एसआईआर से जुड़े फैसलों में चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का कथित तौर पर मनमाने ढंग से इस्तेमाल किया गया।
याचिकाकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं कि क्या फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की जानकारी और सहमति से लिए गए थे। उन्होंने मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में बदलाव, चुनावी डेटाबेस की कार्यप्रणाली और पर्याप्त सूचना के बिना मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंकाओं पर भी चिंता जताई है।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण से जुड़े तीनों आदेश आयोग के सभी तीन सदस्यों ने सर्वसम्मति से पारित किए थे।
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई में एसआईआर प्रक्रिया की वैधानिकता, चुनाव आयोग के निर्णय लेने के तरीके और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जाएगा।
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