मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार (3 अप्रैल 2026) को इसकी पुष्टि की।
इस मुद्दे पर विचार-विमर्श के बाद विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर दतिया विधानसभा सीट से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी। यह निर्णय दिल्ली की एक अदालत द्वारा सुनाई गई सजा के आधार पर लिया गया है।
राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व गृह मंत्री और भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को हराकर दतिया सीट जीती थी। लेकिन अब अदालत के फैसले के बाद उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई है और सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है।
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दिल्ली की अदालत ने राजेंद्र भारती और एक पूर्व बैंक कर्मचारी रघुवीर शरण प्रजापति को धोखाधड़ी के मामले में तीन-तीन साल की सजा सुनाई। यह मामला 1998 से 2011 के बीच बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर अवैध ब्याज प्राप्त करने से जुड़ा है।
विशेष न्यायाधीश दिग विनय सिंह ने दोनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने उन्हें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग जैसे गंभीर अपराधों में दोषी पाया।
विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट किया गया कि सजा के चलते राजेंद्र भारती अब विधायक बने रहने के पात्र नहीं हैं।
इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के लिए यह एक बड़ा झटका माना जा रहा है, जबकि भाजपा इसे कानून के शासन की जीत बता रही है। आने वाले समय में दतिया सीट पर उपचुनाव की संभावना भी बढ़ गई है।
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