नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बुधवार को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में हिस्सा लेने के बाद नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उन्हें विदाई देने के लिए ताजिकिस्तान के रक्षा मंत्री एमोमाली सोबिरज़ोदा हवाई अड्डे पर मौजूद रहे।
अपनी यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह ने दुशांबे में आयोजित SCO बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किया, जहां सदस्य देशों ने क्षेत्रीय सहयोग, आर्थिक विकास, संपर्क (कनेक्टिविटी) और सुरक्षा चुनौतियों पर चर्चा की। बैठक को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने घोषणा की कि भारत इस वर्ष के अंत तक पहले SCO सभ्यता संवाद मंच (SCO Civilisation Dialogue Forum) की मेज़बानी करेगा और उन्होंने सभी सदस्य देशों को इस पहल में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया, जिसका उद्देश्य सांस्कृतिक संबंधों और परस्पर समझ को मजबूत करना है। उन्होंने कहा, "इस वर्ष के अंत में भारत पहले SCO सभ्यता संवाद मंच की मेज़बानी करेगा। हम सभी SCO देशों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।"
रक्षा मंत्री ने ताजिकिस्तान के साथ भारत की दीर्घकालिक मित्रता और मध्य एशियाई देशों के साथ घनिष्ठ संबंधों को रेखांकित किया, साथ ही SCO की 25 वर्षों की यात्रा और भविष्य के लिए सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी विचार रखे। उन्होंने कहा, "भारत ताजिकिस्तान के साथ अपनी दीर्घकालिक मित्रता और मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है।" उन्होंने बिश्केक में हुए SCO शिखर सम्मेलन में संगठन की उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर हुई चर्चाओं को भी याद किया।
और पढ़ें: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ताजिकिस्तान में एससीओ शासनाध्यक्षों की परिषद बैठक में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व
मंगलवार को राजनाथ सिंह ने दुशांबे की बुखोरो स्ट्रीट पर महात्मा गांधी को पुष्पांजलि अर्पित की। SCO सम्मेलन के इतर रक्षा मंत्री ने ताजिकिस्तान के प्रधानमंत्री कोहिर रसूलज़ोदा और ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरेफ से भी मुलाकात की।
अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से निपटने के लिए सामूहिक और समझौता-रहित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया और चेतावनी दी कि यह शांति, आर्थिक गतिविधियों और युवाओं के अवसरों को कमजोर करता है। उन्होंने कहा, "आतंकवाद न केवल निर्दोष लोगों की जान लेता है, बल्कि निवेश और व्यापार को भी बाधित करता है। यह समाज को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उनके हकदार अवसरों से वंचित करता है।"
राजनाथ सिंह ने आतंकवाद से निपटने में दोहरे मापदंडों को समाप्त करने की अपील की और SCO सदस्य देशों से आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करने वाले नेटवर्क को नष्ट करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए, और जो लोग आतंकवादियों को वित्तपोषित करते हैं, समर्थन देते हैं या सुरक्षित पनाहगाह देते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे तंत्र को दृढ़ता और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए।"
और पढ़ें: संजय राउत के खिलाफ FIR की मांग, अल्बानिया की सुप्रीम कोर्ट जलाने संबंधी सोशल मीडिया पोस्ट बना वजह