रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को नई दिल्ली में 16 रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों यानी डीपीएसयू के वार्षिक प्रदर्शन की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने देश के रिकॉर्ड रक्षा उत्पादन में इन उपक्रमों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की।
बैठक में रक्षा क्षेत्र में सार्वजनिक उपक्रमों की भूमिका, उनके प्रदर्शन और उत्पादन क्षमता से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, डीपीएसयू देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
रक्षा मंत्री ने इन उपक्रमों के उल्लेखनीय प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। सरकार लगातार रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और घरेलू स्तर पर आधुनिक सैन्य उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहित कर रही है।
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वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा के दौरान रक्षा उत्पादन बढ़ाने, तकनीकी क्षमता को मजबूत करने और अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों के विकास पर भी जोर दिया गया। डीपीएसयू से उत्पादन में तेजी लाने और बदलती सैन्य जरूरतों के अनुरूप नई तकनीकों को अपनाने की अपेक्षा की जा रही है।
भारत ने हाल के वर्षों में रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में स्वदेशीकरण पर विशेष जोर दिया है। इसका उद्देश्य विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना और देश को रक्षा उपकरणों के निर्माण में सक्षम बनाना है। सरकारी रक्षा उपक्रम इस रणनीति के महत्वपूर्ण हिस्सेदार हैं।
राजनाथ सिंह ने डीपीएसयू के अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए रक्षा उत्पादन में निरंतर प्रगति बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू रक्षा उद्योग देश की सुरक्षा क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ आर्थिक विकास और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देता है।
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