रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर चिंता जताते हुए कहा कि यह मानना "गलत होगा" कि हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच घोषित संघर्षविराम समझौते के बाद संकट पूरी तरह समाप्त हो गया है।
राजनाथ सिंह ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम समझौता एक महत्वपूर्ण कदम जरूर है, लेकिन इसे संकट के पूरी तरह खत्म होने के रूप में नहीं देखा जा सकता। उन्होंने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में तनावपूर्ण स्थिति अभी भी बनी हुई है और इसे हल करने के लिए लगातार कड़ी निगरानी की आवश्यकता है।
रक्षामंत्री ने कहा कि संघर्षविराम से एक स्थायी शांति की उम्मीद करना जल्दबाजी होगी, क्योंकि दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर गहरी असहमतियां अभी भी कायम हैं। उन्होंने कहा कि भारत इस स्थिति को लेकर गंभीर है और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए अपने सभी प्रयास जारी रखेगा।
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यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का संघर्षविराम समझौता हुआ है, जिससे दोनों देशों में कुछ राहत की उम्मीद जगी है। हालांकि, कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह संघर्षविराम लंबे समय तक नहीं टिक पाएगा, क्योंकि दोनों देशों के रिश्तों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
भारत ने हमेशा ही पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता बनाए रखने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाई है और राजनाथ सिंह ने इस स्थिति में भी भारत के कूटनीतिक प्रयासों को और बढ़ाने का आश्वासन दिया है।
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