श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के पद पर योग्य और इच्छुक अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। ट्रस्ट की ओर से जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति प्रारंभिक रूप से तीन वर्ष के संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर की जाएगी। संतोषजनक कार्य प्रदर्शन के आधार पर कार्यकाल आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
सीईओ की नियुक्ति को मंदिर के प्रशासनिक संचालन और प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। चयनित अधिकारी का कार्यस्थल अयोध्या होगा और वह ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेगा। वेतन तथा अन्य सुविधाएं आपसी सहमति के आधार पर निर्धारित की जाएंगी।
ट्रस्ट द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार आवेदक का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से स्नातक होना अनिवार्य है। अभ्यर्थी की आयु 50 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही किसी बड़े सार्वजनिक संगठन, संस्थान, सरकारी विभाग या कंपनी में कम से कम 20 वर्ष का प्रबंधकीय अनुभव होना आवश्यक है।
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सामान्य प्रशासन, वित्त, विधिक मामलों, मानव संसाधन प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी, सुरक्षा व्यवस्था और नीतिगत समन्वय जैसे क्षेत्रों का अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। इसके अलावा मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के रूप में कार्य करने या किसी मंदिर अथवा हिंदू धार्मिक संस्थान के संचालन का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को वरीयता दी जाएगी।
अधिसूचना के अनुसार आवेदक का हिंदू धर्म का सक्रिय अनुयायी होना आवश्यक है तथा भगवान श्रीराम का भक्त होना वांछनीय योग्यता माना गया है। साथ ही हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का अच्छा ज्ञान अनिवार्य रखा गया है।
इच्छुक अभ्यर्थी 18 जुलाई 2026 को शाम 4 बजे तक ईमेल के माध्यम से अपना आवेदन भेज सकते हैं।
गौरतलब है कि यह भर्ती प्रक्रिया ऐसे समय शुरू की गई है, जब राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दी गई दान राशि के कथित दुरुपयोग और गड़बड़ी के मामले की विशेष जांच दल (एसआईटी) जांच कर रहा है। इस मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और जांच जारी है।
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